परिचय
क्या आप अपने जीवन में लगातार आ रही बाधाओं, भय, रोग या शत्रुओं से परेशान हैं? क्या आप अपने घर और परिवार में सुख, समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का स्थायी वास चाहते हैं?
सनातन परंपरा में श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ साक्षात भगवती महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की कृपा प्राप्त करने का सबसे अचूक और शक्तिशाली माध्यम है। इसके 13 अध्यायों में निहित 700 श्लोक केवल मंत्र नहीं, बल्कि साक्षात सिद्ध तरंगें हैं जो साधक के जीवन के बड़े से बड़े कष्ट, तंत्र बाधा, और ग्रहों के क्रूर प्रभाव को नष्ट कर देती हैं।
दिव्य साधना आध्यात्मिक ट्रस्ट के सिद्ध साधना केंद्र और योग्य आचार्यों द्वारा यह अनुष्ठान पूर्ण शास्त्रीय विधि-विधान, शुद्ध उच्चारण और वैदिक हवन के साथ संपन्न किया जाता है।
अनुष्ठान के दो विकल्प
साधकों की सुविधा और इच्छा के अनुसार यह पवित्र अनुष्ठान दो स्वरूपों में उपलब्ध है। आप अपनी आवश्यकता के अनुसार सही विकल्प चुन सकते हैं:
विकल्प 1: ट्रस्ट के सिद्ध स्थान पर अनुष्ठान
यदि आप दूरी या व्यस्तता के कारण अपने घर पर अनुष्ठान नहीं रख पा रहे हैं, तो आप ट्रस्ट के ऊर्जावान और जागृत साधना केंद्र पर यह पाठ संपन्न करवा सकते हैं।
प्रक्रिया: यह अनुष्ठान हमारे केंद्र पर आचार्यों द्वारा पूर्ण पवित्रता से होगा। अनुष्ठान के प्रारंभ में आपको वीडियो कॉल के माध्यम से लाइव जोड़ा जाएगा, जहां आपका नाम, माता का नाम और गोत्र बोलकर साक्षात संकल्प दिलवाया जाएगा। इसके बाद आपके निमित्त पाठ और पूर्णाहुति हवन संपन्न होगा।
दक्षिणा: 3,100 रुपये
इसमें संपूर्ण पूजन, हवन सामग्री और आचार्यों की दक्षिणा शामिल है।
विकल्प 2: आपके स्थान पर आकर अनुष्ठान
यदि आप अपने पूरे परिवार की उपस्थिति में अपने घर, दुकान, फैक्ट्री या भूमि पर साक्षात भगवती की कृपा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना चाहते हैं, तो हमारे आचार्य आपके परिसर में आकर यह अनुष्ठान करेंगे।
प्रक्रिया: हमारे योग्य विद्वान आपके द्वारा तय किए गए स्थान पर स्वयं उपस्थित होंगे। आपके और आपके परिवार के नाम से विधिवत संकल्प लेकर पूरे नियमों के साथ श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ और महाहवन संपन्न किया जाएगा।
दक्षिणा: 15,000 रुपये
नोट: आचार्यों के आने-जाने और ठहरने का यात्रा व्यय इस दक्षिणा से अलग रहेगा, जिसकी व्यवस्था साधक को करनी होगी।
- सुख-समृद्धि का आगमन: मां लक्ष्मी की कृपा से दरिद्रता दूर होती है और व्यापार व नौकरी में उन्नति के नए मार्ग खुलते हैं।
- नकारात्मक शक्तियों का शमन: घर या कार्यस्थल पर मौजूद हर तरह की ऊपरी बाधा, नजर दोष और तांत्रिक अभिचार का तात्कालिक निवारण होता है।
- कवच और सुरक्षा: परिवार के सदस्यों के चारों ओर एक अभेद्य दैवीय सुरक्षा चक्र का निर्माण होता है।
स्टेप 1: विकल्प का चयन करें
नीचे दिए गए बुकिंग फॉर्म में जाकर अपनी इच्छानुसार विकल्प 1 ट्रस्ट के स्थान पर या विकल्प 2 आपके स्थान पर का चुनाव करें।
स्टेप 2: मूल विवरण दर्ज करें
अपना नाम, गोत्र यदि ज्ञात हो, माता का नाम, मोबाइल नंबर और वर्तमान निवास स्थान का सही विवरण फॉर्म में भरें।
स्टेप 3: सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान
चयनित विकल्प के आधार पर अनुष्ठान बुक करें बटन पर क्लिक करके वेबसाइट पर अपना सुरक्षित ऑनलाइन भुगतान पूरा करें।
स्टेप 4: तारीख का निर्धारण
भुगतान सफल होने के बाद, ट्रस्ट के प्रतिनिधि आपसे संपर्क करेंगे और आपकी सुविधा व शास्त्रों के अनुसार सबसे शुभ तिथि और समय सुनिश्चित करेंगे।
दिव्य उद्घोष: शरणागतदीनार्तपरित्राणपरायणे। सर्वस्यार्तिहरे देवि नारायणि नमोऽस्तु ते। मां भगवती की शरण में आने वाले का कभी अमंगल नहीं होता।